Thursday, June 16, 2011

RTI is the only Panacea for all ills

Friends,
I personally feel, right to information act is the only panacea for all ills in the system, provided it is implemented in true letter and spirit. First step towards this can be , improving understanding and awareness about this act. I have tried to put the act in Bilingual formats so that one could understand it better. Done nothing more than cutting and pasting. Hope, it will definitely help the RTI community.
Kindly point out if any cut-paste errors are found.

Regards

RTI Act 2005 Hindi Bilingual Section 1-11 and 18-31

An Act to provide for setting out the practical regime of right to information for citizens to secure access to information under the control of public authorities, in order to promote transparency and accountability in the working of every public authority, the constitution of a Central Information Commission and State Information Commissions and for matters connected therewith or incidental thereto
प्रत्येक लोक प्राधिकारी के कार्यकरण में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व के संवर्धन के लिये, लोक प्राधिकारियों के नियंत्रणाधीन सूचना तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए, नागरिकों के सूचना के अधिकार की व्यावहारिक शासन पद्धति स्थापित करने, एक केन्द्रीय सूचना आयोग तथा राज्य सूचना आयोग का गठन करने और उनसे संबंधित या उनसे आनुषंगिक विषयों का उपबंध करने के लिए अधिनियम
WHEREAS the Constitution of India has established democratic Republic;
भारत के संविधान ने लोकतंत्रात्मक गणराज्य की स्थापना की है;
AND WHEREAS democracy requires an informed citizenry and transparency of information which are vital to its functioning and also to contain corruption and to hold Governments and their instrumentalities accountable to the governed;
और लोकतंत्र शिक्षित नागरिक वर्ग तथा ऐसी सूचना की पारदर्शिता की अपेक्षा करता है, जो उसके कार्यकरण तथा भ्रष्टाचार को रोकने के लिए भी और सरकारों तथा उनके परिकरणों को शासन के प्रति उत्तरदायी बनाने के लिए अनिवार्य है;
AND WHEREAS revelation of information in actual practice is likely to conflict with other public interests including efficient operations of the Governments, optimum use of limited fiscal resources and the preservation of confidentiality of sensitive information;
और वास्तविक व्यवहार में सूचना के प्रकटन से संभवत: अन्य लोक हितो, जिनके अंतर्गत सरकारों के दक्ष प्रचालन, सीमित राज्य वित्तीय संसाधनों के अधिकतम उपयोग और संवेदनशील सूचना की गोपनीयता को बनाए रखना भी है, के साथ विरोध हो सकता है;
AND WHEREAS it is necessary to harmonise these conflicting interests while preserving the paramountcy of the democratic ideal;
और लोकतंत्रात्मक आदर्श की प्रभुता को बनाए रखते हुए इन विरोधी हितों के बीच सामंजस्य बनाना आवश्यक है;
NOW, THEREFORE, it is expedient to provide for furnishing certain information to citizens who desire to have it.
अत:, अब यह समीचीन है कि ऐसे नागरिकों को, कतिपय सूचना देने के लिए, जो उसे पाने के इच्छुक है, उपबंध किया जाए;
BE it enacted by Parliament in the Fifty-sixth Year of the Republic of India as follows:-
भारत गणराज्य के छप्पनवें वर्ष में संसद द्वारा निम्नलिखित रूप मे यह अधिनियमित हो :-
1.(1) This Act may be called the Right to Information Act, 2005. (2) It extends to the whole of India except the State of Jammu and Kashmir. (3) The provisions of sub-section (1) of section 4, sub-sections (1) and (2) of section 5, sections 12, 13, 15,16, 24, 27 and 28 shall come into force at once, and the remaining provisions of this Act shall come into force on the one hundred and twentieth day of its enactment.
1. (१) इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम सूचना का अधिकार अधिनियम,२००५ है।
(२) इसका विस्तार जम्मू-कश्मीर राज्य के सिवाय सम्पूर्ण भारत पर है।
(३) धारा ४ की उपधारा (१), धारा ५ की उपधारा (१) और उपधारा (२),धारा १२, धारा १३, धारा १५, धारा १६, धारा २४, धारा २७ और धारा २८ के उपबंध तुरंत प्रभावी होंगे और इस अधिनियम के शेष उपबंध इसके अधिनियम के एक सौ बीसवें दिन को प्रवृत्त होंगे।
2.In this Act, unless the context otherwise requires,-
२.इस अधिनियम में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,--
(a) "appropriate Government" means in relation to a public authority which is established, constituted, owned, controlled or substantially financed by funds provided directly or indirectly- (i) by the Central Government or the Union territory administration, the Central Government; (ii) by the State Government, the State Government;
(क)"समुचित सरकार से किसी ऐसे लोक प्राधिकरण के संबंध में जो--
(१) केन्द्रीय सरकार या संघ राज्यक्षेत्र द्वारा स्थापित, गठित, उसके स्वामित्वाधीन, नियंत्रणाधीन या उसके द्वारा प्रत्यक्ष रूप से या अप्रत्यक्ष रूप से उपलब्ध कराई गई निधियो द्वारा सारभूत रुप से वित्तपोषित किया जाता है, केन्द्रीय सरकार अभिप्रेत है;
(,) राज्य सरकार द्वारा स्थापित, गठित उसके स्वामित्वाधीन, नियंत्रणाधीन या उसके द्वारा प्रत्यक्ष रूप से या अप्रत्यक्ष रूप से उपलब्ध कराई गई निधियों द्वारा सारभूत रुप से वित्तपोषित किया जाता है, राज्य सरकार अभिप्रेत है;   
(b) "Central Information Commission" means the Central Information Commission constituted under sub-section (1) of section 12;
(ख) "केन्द्रीय सूचना आयोग" से धारा १२ की उपधारा (१) के अधीन गठित केन्द्रीय सूचना आयोग अभिप्रेत है; 
(c) "Central Public Information Officer" means the Central Public Information Officer designated under sub-section (1) and includes a Central Assistant Public Information Officer designated as such under sub-section (2) of section 5;
(ग) "केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी" से उपधारा (१) के अधीन पदाभिहित केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी अभिप्रेत है और इसके अन्तर्गत धारा ५ की उपधारा(२) के अधीन इस प्रकार पदाभिहित कोई केन्द्रीय सहायक लोक सूचना अधिकारी भी है;
(d) "Chief Information Commissioner" and "Information Commissioner" mean the Chief Information Commissioner and Information Commissioner appointed under sub-section (3) of section 12;
(घ) "मुख्य सूचना आयुक्त" और सूचना आयुक्त से" से धारा १२ की उपधारा (३) के अधीन नियुक्त मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त अभिप्रेत है;
(e) "competent authority" means- (i) the Speaker in the case of the House of the People or the Legislative Assembly of a State or a Union territory having such Assembly and the Chairman in the case of the Council of States or Legislative Council of a State; (ii) the Chief Justice of India in the case of the Supreme Court; (iii) the Chief Justice of the High Court in the case of a High Court; (iv) the President or the Governor, as the case may be, in the case of other authorities established or constituted by or under the Constitution; (v) the administrator appointed under article 239 of the Constitution;
(ड) "सक्षम प्रधिकारी" से अभिप्रेत है-
(१) लोक सभा या किसी राज्य की विधान सभा की या किसी ऐसे संघ राज्यक्षेत्र की, जिसमें ऐसी सभा है, दशा में अध्यक्ष और राज्य सभा या किसी राज्य की विधान परिषद की दशा में सभापति;
(२)उच्चतम न्यायालय की दशा में भारत का मुख्य न्यायमूर्ति;
(३) किसी उच्च न्यायालय की दशा में उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायमूर्ति;
(४)संविधान द्वारा या उसके अधीन स्थापित या गठित अन्य प्राधिकरणों की दशा में, यथास्थिति, राष्ट्रपति या राज्यपाल;
(५)संविधान के अनुच्छेद २३९ के अधीन नियुक्त प्रशासक;
(f) "information" means any material in any form, including records, documents, memos, e-mails, opinions, advices, press releases, circulars, orders, logbooks, contracts, reports, papers, samples, models, data material held in any electronic form and information relating to any private body which can be accessed by a public authority under any other law for the time being in force;
(च) "सूचना" से किसी इलैक्ट्रानिक रूप में धारित अभिलेख, दस्तावेज, ज्ञापन, ई-मेल, मत, सलाह, प्रेस विज्ञप्ति, परिपत्र, आदेश, लागबुक, संविदा, रिपोर्ट, कागजपत्र, नमूने, माडल, आंकडों संबंधी सामग्री और किसी प्राइवेट निकाय से संबंधित ऐसी सूचना सहित, जिस तक तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के अधीन किसी लोक प्राधिकारी की पहुंच हो सकती है, किसी रूप में कोई सामग्री, अभिप्रेत है;
(g) "prescribed" means prescribed by rules made under this Act by the appropriate Government or the competent authority, as the case may be;
(छ) "विहित" से, यथास्थिति, समुचित सरकार या सक्षम प्राधिकारी द्वारा इस अधिनियम के अधीन बनाए गंए नियमों द्वारा विहित अभिप्रेत है;
(h) "public authority" means any authority or body or institution of self- government established or constituted- (a) by or under the Constitution; (b) by any other law made by Parliament; (c) by any other law made by State Legislature; (d) by notification issued or order made by the appropriate Government, and includes any- (i) body owned, controlled or substantially financed; (ii) non-Government organisation substantially financed, directly or indirectly by funds provided by the appropriate Government;
(ज) "लोक प्राधिकारी" से,--
(क) संविधान द्वारा या उसके अधीन;
(ख) संसद द्वारा बनाई गई किसी अन्य विधि द्वारा;
(ग) राज्य विधान-मंडल द्वारा बनाई गई किसी अन्य विधि द्वारा;
(घ)समुचित सरकार द्वारा जारी की गई अधिसूचना या किए गए आदेश द्वारा, स्थापित या गठित कोई प्राधिकारी या निकाय या स्वांयत्त सरकारी संस्था अभिप्रेत है
और इसके अन्तर्गत,--
(१) कोई ऐसा निकाय है जो समुचित सरकार के स्वामित्वाधीन नियंत्रणाधीन या उसके द्वारा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उपलब्ध कराई गई निधियों द्वारा सारभूत रुप से वित्तपोषित है;
(२)कोई ऐसा गै-सरकारी संगठन है जो समुचित सरकार द्वारा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उपलब्ध कराई गई निधियो द्वारा सारभूत रुप से वित्तपोषित है।
(i) "record" includes- (a) any document, manuscript and file; (b) any microfilm, microfiche and facsimile copy of a document; (c) any reproduction of image or images embodied in such microfilm (whether enlarged or not); and (d) any other material produced by a computer or any other device;
(झ) "अभिलेख" में निम्नलिखित सम्मिलित हैं-;
(क) कोई दस्तावेज, पाण्डुलिपि और फाइल;
(ख) किसी दस्तावेज की कोई माइक्रोफिल्म, माइक्रोफिशे और प्राकृतिक प्रति;
(ग) ऐसी माइक्रोफिल्म मे सन्निविष्ट प्रतिबिम्ब या प्रतिबिम्बों का पुनरूत्पादन (चाहे वर्धित रूप में हो या न हो); और
(घ) किसी कम्प्यूटर द्वारा या किसी अन्य युक्ति द्वारा उत्पादित कोई अन्य सामग्री;
(j) "right to information" means the right to information accessible under this Act which is held by or under the control of any public authority and includes the right to- (i) inspection of work, documents, records; (ii) taking notes, extracts or certified copies of documents or records; (iii) taking certified samples of material; (iv) obtaining information in the form of diskettes, floppies, tapes, video cassettes or in any other electronic mode or through printouts where such information is stored in a computer or in any other device;
(ञ) "सूचना का अधिकार" से इस अधिनियम के अधीन पहुंच योग्य सूचना का, जो किसी लोक प्राधिंकारी द्वारा या उसके नियंत्रणाधीन धारित है, अधिकार अभिप्रेत है और जिसमें निम्नलिखित का अधिकार सम्मिलित है--
(१) कृति, दस्तांवेजों, अभिलेखों का निरीक्षण;
(२) दस्तावेजों या अभिलेखो के टिप्पण, उद्धरण या प्रमाणित प्रतिलिपि लेना;
(३) सामग्री के प्रमाणित नमूने लेना;
(४)डिस्केट, फ्लापी, टेप, वीडियो, कैसेट के रूप में या किसी अन्य इलैक्ट्रानिक रीति मे या प्रिंटाऊट के माध्यम से सूचनां को जहां ऐसी सूचना किसी कम्प्यूटर या किसी अन्य युक्ति में भण्डारित है, अभिप्राप्त करना;
(k) "State Information Commission" means the State Information Commission constituted under sub-section (1) of section 15;
(ट) "राज्य सूचना आयोग" से धारा १५ की उपधारा (१) के अधीन गठित राज्य सूचना आयोग अभिप्रेत है;
(l) "State Chief Information Commissioner" and "State Information Commissioner" mean the State Chief Information Commissioner and the State Information Commissioner appointed under sub-section (3) of section 15;
(ठ) "राज्य मुख्य सूचना आयुक्त" और "राज्य सूचना आयुक्त" से धारा १५ की उपधारा (३) के अधीन नियुक्त राज्य मुख्य सूचना आयुक्त और राज्य सूचना आयुक्त अभिप्रेत है;
(m) "State Public Information Officer" means the State Public Information Officer designated under sub-section (1) and includes a State Assistant Public Information Officer designated as such under sub-section (2) of section 5;
(ड) "राज्य लोक सूचना अधिकारी" से उपधारा (१) के अधीन पदाभिहित राज्य लोक सूचना अधिकारी अभिप्रेत है और इसके अंतर्गत धारा ५ की उपधारा (२) के अधीन उस रूप मे पदाभिहित राज्य सहायक्लोक सूचना अधिकारी भी है;
(n) "third party" means a person other than the citizen making a request for information and includes a public authority.
(ढ) "पर व्यक्ति" से सूचना के लिए अनुरोध करने वाले नागरिक से भिन्न कोई व्यक्ति अभिप्रेत है, और इसके अंतर्गत कोई लोक प्राधिकारी भी है।
3. Right to information.-Subject to the provisions of this Act, all citizens shall have the right to information.
३.इस अधिनियम के उपबन्धो के अधीन रहते हुए, सभी नागरिकों को सूचना का अधिकार होगा।
4. (1) Every public authority shall-
4. (१) प्रत्येक लोक प्राधिकारी
(a) maintain all its records duly catalogued and indexed in a manner and the form which facilitates the right to information under this Act and ensure that all records that are appropriate to be computerised are, within a reasonable time and subject to availability of resources, computerised and connected through a network all over the country on different systems so that access to such records is facilitated;
(क) अपने सभी अभिलेखों को सम्यक रूप से सूचिपत्रित और अनुक्रमणिकाबद्ध ऐसी रीति और रूप मे रखेगा, जो इस अधिनियम के अधीन सूचना के अधिकार को सुकर बनाता है और सुनिश्चित करेगा कि ऐसे सभी अभिलेख, जो कंप्यूटरीकृत किए जाने के लिए समुचित है, युक्तियुक्त समय के भीतर और संसाधनो की उपलभ्यता के अधीन रहते हुए, कंप्यूटरीकृत और विभिन्न प्रणालियों पर संपूर्ण देश मे नेटवर्क के माध्यम से संबद्ध हैं जिससे कि ऐसे अभिलेख तक पहुंच को सुकर बनाया जा सके;
(b) publish within one hundred and twenty days from the enactment of this Act,-
(ख) इस अधिनियम के अधिनियमन से एक सौ बीस दिन के भीतर
(i) the particulars of its organisation, functions and duties;
(१) अपने संगठन की विशिष्टियां, कृत्य और कर्तव्य;
(ii) the powers and duties of its officers and employees;
(२) अपने अधिकारियों और कर्मचारियों की शक्तियां और कर्तव्य;
(iii) the procedure followed in the decision making process, including channels of supervision and accountability;
(३) विनिश्चय करने की प्रक्रिया मे पालन की जाने वाली प्रक्रिया जिसमे पर्यवेक्षण और उत्तरदायित्व के माध्यम सम्मिलित है;
(iv) the norms set by it for the discharge of its functions;
(४)अपने कृत्यों के निर्वहन के लिए स्वयं द्वारा स्थापित मानदंड ;
(v) the rules, regulations, instructions, manuals and records, held by it or under its control or used by its employees for discharging its functions;
(५) अपने द्वारा या अपने नियंत्रणाधीन धारित या अपने कर्मचारियों द्वारा अपने कृत्यों के निर्वहन के लिए प्रयोग किए गए नियम, विनियम, अनुदेश, निर्देशिका और अभिलेख;
(vi) a statement of the categories of documents that are held by it or under its control;
(६) ऐसे दस्तावेजों के, जो उसके द्वारा धारित या उसके नियंत्रणाधीन हैं, प्रवर्गो का विवरण;
(vii) the particulars of any arrangement that exists for consultation with, or representation by, the members of the public in relation to the formulation of its policy or implementation thereof;
(७) किसी व्यवस्था की विशिष्टियां,जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान है;
(viii) a statement of the boards, councils, committees and other bodies consisting of two or more persons constituted as its part or for the purpose of its advice, and as to whether meetings of those boards, councils, committees and other bodies are open to the public, or the minutes of such meetings are accessible for public;
(८) ऐसे बोर्डो, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमे दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भागरूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डो, परिषदो, समितियों और अन्य निकायों की बैठके जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठको के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी, विवरण;
(ix) a directory of its officers and employees;
(९) अपने अधिकारियों और कर्मचारियों की निर्देशिका;
(x) the monthly remuneration received by each of its officers and employees, including the system of compensation as provided in its regulations;
(१०) अपने प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी द्वारा प्राप्त मासिक पारिश्रमिक, जिसके अन्तर्गत प्रतिकर की प्रणाली भी है, जो उसके विनियमों मे यथा उपबंधित हो;
(xi) the budget allocated to each of its agency, indicating the particulars of all plans, proposed expenditures and reports on disbursements made;
(११) सभी योजनाओं, प्रस्तावित व्ययों और किए गए संवितरणों पर रिपोर्टो की विशिष्टियां उपदर्शित करते हुए अपने प्रत्येक अभिकरण को आबंटित बजट,
(xii) the manner of execution of subsidy programmes, including the amounts allocated and the details of beneficiaries of such programmes;

(१२) सहायिकी कार्यक्रमों के निष्पादन की रीति जिसमे आबंटित राशि औए ऐसे कार्यक्रमों के फायदाग्राहियों के ब्यौरे सम्मिलित है;
(xiii) particulars of recipients of concessions, permits or authorisations granted by it;
(१३) अपने द्वारा अनुदत्त रियायतों, अनुज्ञापत्रों या प्राधिकारों के प्राप्तिकर्ताओं की विशिष्टिया ;
(xiv) details in respect of the information, available to or held by it, reduced in an electronic form;
(१४) किसी इलैक्ट्रानिक रूप मे सूचना के संबंध में ब्यौरे जो उसको उपलब्ध हो या उसके द्वारा धारित हो;
(xv) the particulars of facilities available to citizens for obtaining information, including the working hours of a library or reading room, if maintained for public use;
(१५) सूचना अभिप्राप्त करने के लिये नागरिकों को उपलब्ध सुविधाओं की विशिष्टिया, जिनमें किसी पुस्तकालय या वाचन कक्ष के, यदि लोक उपयोग के लिए अनुरक्षित है तों, कार्यकरण घंटे सम्मिलित है;
(xvi) the names, designations and other particulars of the Public Information Officers;
(१६) लोक सूचना अधिकारियोँ के नाम, पदनाम और अन्य विशिष्टिया;
(xvii) such other information as may be prescribed;
(१७) ऐसी अन्य सूचना, जो विहित की जाए,
and thereafter update these publications every year;
प्रकाशित करेगा और तत्पश्चात इन प्रकाशनो को प्रत्येक वर्ष मे अद्यतन करेगा;
(c) publish all relevant facts while formulating important policies or announcing the decisions which affect public;
(ग) महत्वपूर्ण नीतियो की विरचना करते समय या ऐसे विनिश्चयों की घोषणा करते समय, जो जनता को प्रभावित करते हो, सभी सुसंगत तथ्यों को प्रकाशित करेगा;
(d) provide reasons for its administrative or quasi-judicial decisions to affected persons.
(घ) प्रभावित व्यक्तियों को अपने प्रशासनिक या न्यायिककल्प विनिशचयों के लिए कारण उपलब्ध कराएगा;
(2) It shall be a constant endeavour of every public authority to take steps in accordance with the requirements of clause (b) of sub-section (1) to provide as much information suo motu to the public at regular intervals through various means of communications, including internet, so that the public have minimum resort to the use of this Act to obtain information.
(२) प्रत्येक लोक अधिकारी का निरंतर यह प्रयास होगा कि वह उपधारा (१) के खंड (ख) की अपेक्षाओं के अनुसार, स्वप्रेरणा से, जनता को नियमित अन्तरालो पर संसूचना के विभिन्न सांधनों के माध्यम से, जिनके अन्तर्गत इंटरनेट भी है, इतनी अधिक सूचना उपलब्ध कराने के लिए उपाय करे जिससे कि जनता को सूचना प्राप्त करने के लिए इस अधिनियम का कम से कम अवलंब लेना पडे।
(3) For the purposes of sub-section (1), every information shall be disseminated widely and in such form and manner which is easily accessible to the public.
(३) उपधारा (१) के प्रयोजन के लिए, प्रत्येक सूचना को विस्तृत रूप से ऐसे प्ररूप और रीति मे प्रसारित किया जाएगा, जो जनता के लिए सहज रूप से पहुंच योग्य हो।
(4) All materials shall be disseminated taking into consideration the cost effectiveness, local language and the most effective method of communication in that local area and the information should be easily accessible, to the extent possible in electronic format with the Central Public Information Officer or State Public Information Officer, as the case may be, available free or at such cost of the medium or the print cost price as may be prescribed.
Explanation.-For the purposes of sub-sections (3) and (4), "disseminated" means making known or communicated the information to the public through notice boards, newspapers, public announcements, media broadcasts, the internet or any other means, including inspection of offices of any public authority.
(४) सभी सामग्री को, लागत प्रभावशीलता, स्थानीय भाषा और उस क्षेत्र में संसूचना की अत्यंत प्रभावी पद्धति को ध्यान में रखते हुए, प्रसारित किया जाएगा तथा सूचना यथास्थिति केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य सूचना अधिकारी के पास इलैक्ट्रानिक रूप मे संभव सीमा तक निशुल्क या माध्यम की ऐसी लागत पर या ऐसी मुद्रण लागत कीमत पर जो विहित की जाए, सहज रूप से पहुंच योग्य होनी चाहिये।
स्पष्टीकरण-
उपधारा (३) और उपधारा (४) के प्रयोजनोँ  के लिए. "प्रसारित से सूचना पट्टों, समाचारपत्रों, लोक उदघोषणाओ, मीडिया प्रसारणो, इंटरनेट या किसी अन्य माध्यम से, जिसमे किंसी लोक प्राधिकारी के कार्यालयों का निरीक्षण सम्मिलित है। जनता को सूचना की जानकारी देना या संसूचित करना अभिप्रेत है।
5.(1) Every public authority shall, within one hundred days of the enactment of this Act, designate as many officers as the Central Public Information Officers or State Public Information Officers, as the case may be, in all administrative units or offices under it as may be necessary to provide information to persons requesting for the information under this Act.
5. (१) प्रत्येक लोक प्राधिकारी, इस अधिनियम के अधिनियमन के सौ दिन के भीतर सभी प्रशासनिक एककों या उसके अधीन कार्यालयों में, यथास्थिति, केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारियों या राज्य सूचना अधिकारियों के रुप मे उतने अधिकारियों को अभिहित करेगा, जितने इस अधिनियम के अधीन सूचना के लिए अनुरोध करने वाले व्यक्तियों को सूचना प्रदान करने के लिए आवश्यक हो।
(2) Without prejudice to the provisions of sub-section (1), every public authority shall designate an officer, within one hundred days of the enactment of this Act, at each sub-divisional level or other sub-district level as a Central Assistant Public Information Officer or a State Assistant Public Information Officer, as the case may be, to receive the applications for information or appeals under this Act for forwarding the same forthwith to the Central Public Information Officer or the State Public Information Officer or senior officer specified under sub-section (1) of section 19 or the Central Information Commission or the State Information Commission, as the case may be: Provided that where an application for information or appeal is given to a Central Assistant Public Information Officer or a State Assistant Public Information Officer, as the case may be, a period of five days shall be added in computing the period for response specified under sub-section (1) of section 7.
(२) उपधारा (१) के उपबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, प्रत्येक लोक प्राधिकारी, इस अधिनियम के अधिनियमन के सौ दिन के भीतर किसी अधिकारी को प्रत्येक उपमंडल स्तर या अन्य उप जिला स्तर पर, यथास्थिति, केंद्रीय सहायक लोक सूचना अधिकारी या किसी राज्य सहायक लोक सूचना अधिकारी के रूप में इस अधिनियम के अधीन सूचना के लिए आवेदन या अपील प्राप्त करने और उसे तत्काल, यथास्थिति, केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी या धारा १९ की उपधारा (१) के अधीन विनिर्दिष्ट वरिष्ठ अधिकारी या केंद्रीय सूचना आयोग अथवा राज्य सूचना आयोग को भेजने के लिए, पदाभिहित करेगा:
परंतु यह कि जहां सूचना या अपील के लिए कोई आवेदन यथास्थिति, किसी केन्द्रीय सहायक लोक सूचना अधिकारी या किसी राज्य सहायक लोक सूचना अधिकारी को दिया जाता है, वहां धारा ७ की उपधारा (१) के अधीन विनिर्दिष्ट उत्तर के लिए अवधि की संगणना करने में पांच दिन की अवधि जोड दी जाएगी।
(3) Every Central Public Information Officer or State Public Information Officer, as the case may be, shall deal with requests from persons seeking information and render reasonable assistance to the persons seeking such information.
(३) यथास्थिति, प्रत्येक, कन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी, सूचना की मांग करने वाले व्यक्तियों के अनुरोधों पर कार्रवाई करेगा और ऐसी सूचना की मांग करने वाले व्यक्तियों को युक्तियुक्त सहायता प्रदान करेगा।
(4) The Central Public Information Officer or State Public Information Officer, as the case may be, may seek the assistance of any other officer as he or she considers it necessary for the proper discharge of his or her duties.
(४) यथास्थिति, केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी, ऐसे किसी अन्य अधिकारी की सहायता की मांग कर सकेगा, जिसे वह अपने कृत्यों के समुचित निर्वहन के लिए आवश्यक समझे।
(5) Any officer, whose assistance has been sought under sub-section (4), shall render all assistance to the Central Public Information Officer or State Public Information Officer, as the case may be, seeking his or her assistance and for the purposes of any contravention of the provisions of this Act, such other officer shall be treated as a Central Public Information Officer or State Public Information Officer, as the case may be.
(५) कोई अधिकारी, जिसकी उपधारा (४) के अधीन सहायता चाही गई है, उसकी सहायता चाहने वाले यथास्थिति, कन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी को सभी सहायता प्रदान करेगा और इस अधिनियम के उपबंधों के किसी उल्लंघन के प्रयोजनों के लिए ऐसे अन्य अधिकारी को, यथास्थिति, केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी समझा जाएगा।
6.(1) A person, who desires to obtain any information under this Act, shall make a request in writing or through electronic means in English or Hindi or in the official language of the area in which the application is being made, accompanying such fee as may be prescribed, to-
6.(१) कोई व्यक्ति, जो इस अधिनियम के अधीन कोई सूचना अभिप्राप्त करना चाहता है, लिखित में या इलैक्ट्रानिक युक्ति के माध्यम से अंग्रेजी या हिन्दी में या उस क्षेत्र की जिसमें आवेदन किया जा रहा है, राजभाषा में ऐसी फीस के साथ, जो विहित की जाए,--
(a) the Central Public Information Officer or State Public Information Officer, as the case may be, of the concerned public authority;
(क) संबंधित लोक प्राधिकरण के यथास्थिति, केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी;
(b) the Central Assistant Public Information Officer or State Assistant Public Information Officer, as the case may be, specifying the particulars of the information sought by him or her: Provided that where such request cannot be made in writing, the Central Public Information Officer or State Public Information Officer, as the case may be, shall render all reasonable assistance to the person making the request orally to reduce the same in writing.
 (ख) यथास्थिति, केन्द्रीय सहायक लोक सूचना अधिकारी या राज्य सहायक लोक सूचना अधिकारी, को, उसके द्वारा मांगी गई सूचना की विशिष्टियां विनिर्दिष्ट करते हुए अनुरोध करेगा: परंतु जहां ऐसा अनुरोध लिखित में नही किया जा सकता है, वहां, यथास्थिति, केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी अनुरोध करने वाले व्यक्ति को सभी युक्तियुक्त सहायता मौखिक रूप से देगा, जिससे कि उसे लेखबद्ध किया जा सके।
(2) An applicant making request for information shall not be required to give any reason for requesting the information or any other personal details except those that may be necessary for contacting him.
(२) सूचना के लिए अनुरोध करने वाले आवेदक से सूचना का अनुरोध करने के लिए किसी कारण को या किसी अन्य व्यक्तिगत ब्यौरे को, सिवाय उसके जो उससे संपर्क करने के लिए आवश्यक हों, देने की अपेक्षा नहीं की जाएगी।
(3) Where an application is made to a public authority requesting for an information,-
(३) जहा, कोई आवेदन किसी लोक प्राधिकारी को किसी ऐसी सूचना के लिए अनुरोध करते हुए किया जाता है,--
(i) which is held by another public authority; or (ii) the subject matter of which is more closely connected with the functions of another public authority, the public authority, to which such application is made, shall transfer the application or such part of it as may be appropriate to that other public authority and inform the applicant immediately about such transfer: Provided that the transfer of an application pursuant to this sub-section shall be made as soon as practicable but in no case later than five days from the date of receipt of the application.
 (१) जो किसी अन्य लोक प्राधिकारी द्वारा धारित है; या (२)जिसकी विषय-वस्तु किसी अन्य लोक प्राधिकारी के कृत्यों से अधिक निकट रूप से संबंधित है, वहां, वह लोक प्राधिकारी, जिसको ऐसा आवेदन किया जाता है, ऐसे आवेदन या उसके ऐसे भाग को, जो समुचित हो, उस/अन्य लोक लोक प्राधिकारी को अंतरित करेगा और ऐसे अंतरण के बारे में आवेदक को तुरन्त सूचना देगा: परंतु यह कि इस उपधारा के अनुसरण मे किसी आवेदन का अंतरण यथासाध्य शीघ्रता से किया जाएगा, किंतु किसी भी दशा में आवेदन की प्राप्ति की तारीख से पांच दिनों के पश्चात नहीं किया जायेगा।
7.(1) Subject to the proviso to sub-section (2) of section 5 or the proviso to sub-section (3) of section 6, the Central Public Information Officer or State Public Information Officer, as the case may be, on receipt of a request under section 6 shall, as expeditiously as possible, and in any case within thirty days of the receipt of the request, either provide the information on payment of such fee as may be prescribed or reject the request for any of the reasons specified in sections 8 and 9: Provided that where the information sought for concerns the life or liberty of a person, the same shall be provided within forty-eight hours of the receipt of the request.
7. (१) धारा ५ की उपधारा (२) के परंतुक या धारा ६ की उपधारा (३) के परंतुक के अधीन रहते हुए, धारा ६ के अधीन अनुरोध के प्राप्त होने पर यथास्थिति केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी, यथासंभवशीघ्रता से, और किसी भी दशा में अनुरोध की प्राप्ति के तीस दिन के भीतर, ऐसी फीस के संदाय पर, जो विहित की जाए, या तो सूचना उपलब्ध कराएगा या धारा ८ और धारा ९ मे विनिर्दिष्ट कारणों मे से किसी कारण से अनुरोध को अस्वीकार करेगा: परंतु जहां मांगी गई जानकारी का संबंध किसी व्यक्ति के जीवन या स्वतंत्रता से है, वहां वह अनुरोध प्राप्त होने के अडतालीस घंटे के भीतर उपलब्ध कराई जाएगी।
(2) If the Central Public Information Officer or State Public Information Officer, as the case may be, fails to give decision on the request for information within the period specified under sub-section (1), the Central Public Information Officer or State Public Information Officer, as the case may be, shall be deemed to have refused the request.
(२) यदि, यथास्थिति, केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी उपधारा (१) के अधीन विनिर्दिष्ट अवधि के भीतर सूचना के लिए अनुरोध पर विनिश्चय करने में असफल रहता है तो, यथास्थिति, केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या रांज्य लोक सूचना अधिकारी के बारे मे यह समझा जाएगा कि उसने अनुरोध को नामंजूर कर दिया है।
(3) Where a decision is taken to provide the information on payment of any further fee representing the cost of providing the information, the Central Public Information Officer or State Public Information Officer, as the case may be, shall send an intimation to the person making the request, giving-
(३) जहां, सूचना उपलब्ध कराने की लागत के रूप मे किसी और फीस के संदाय पर सूचना उपलब्ध कराने का विनिश्चय किया जाता है, वहां यथास्थिति, केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी अनुरोध करने वाले व्यक्ति को,--
(a) the details of further fees representing the cost of providing the information as determined by him, together with the calculations made to arrive at the amount in accordance with fee prescribed under sub-section (1), requesting him to deposit that fees, and the period intervening between the despatch of the said intimation and payment of fees shall be excluded for the purpose of calculating the period of thirty days referred to in that sub-section;
(क) उसके द्वारा यथाअवधारित सूचना उपलब्ध कराने की लागत के रूप में और फीस के ब्यौरे, जिनके साथ उपधारा (१) के अधीन विहित फीस के अनुसार रकम निकालने के लिए की गई संगणनाएं होंगी, देते हुए उससे उस फीस को जमा करने का अनुरोध करते हुए कोई संसूचना भेजेगा और उक्त संसूचना के प्रेषण और फीस के संदाय के बीच मध्यवर्ती अवधि को उस धारा में निर्दिष्ट तीस दिन की अवधि की संगणना करने के प्रयोजन के लिए अपवर्जित किया जाएगा;   
(b) information concerning his or her right with respect to review the decision as to the amount of fees charged or the form of access provided, including the particulars of the appellate authority, time limit, process and any other forms.
(ख) प्रभारित फीस की रकम या उपलब्ध कराई गई पहुंच के प्ररूप के बारे में, जसके अंतर्गत अपील प्राधिकारी की विशिष्टियां समय सीमा, प्रक्रिया और कोई अन्य प्ररूप भी है, विनिश्चय करने का पुनर्विलोकन करने के संबंध में उसके अधिकार से संबंधित सूचना देते हुए, कोई संसूचना भेजेगा।
(4) Where access to the record or a part thereof is required to be provided under this Act and the person to whom access is to be provided is sensorily disabled, the Central Public Information Officer or State Public Information Officer, as the case may be, shall provide assistance to enable access to the information, including providing such assistance as may be appropriate for the inspection.
(४) जहां, इस अधिनियम के अधीन अभिलेख या उसके किसी भाग तक पहुंच अपेक्षित है और ऐसा व्यक्ति, जिसको पहुंच उपलब्ध कराई जानी है, संवेदनात्मक रूप से नि:शक्त है, वहां यथास्थिति, केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी सूचना तक पहुंच को समर्थ बनाने के लिए सहायता उपलब्ध कराएगा जिसमें निरीक्षण के लिए ऐसी सहायता करना भी सम्मिलित है, जो समुचित हो।
(5) Where access to information is to be provided in the printed or in any electronic format, the applicant shall, subject to the provisions of sub-section (6), pay such fee as may be prescribed: Provided that the fee prescribed under sub-section (1) of section 6 and sub-sections (1) and (5) of section 7 shall be reasonable and no such fee shall be charged from the persons who are of below poverty line as may be determined by the appropriate Government.
(५) जहां, सूचना तक पहुंच मुद्रित या किसी इलैक्ट्रानिक रूपविधान में उपलब्ध कराई जानी है, वहां आवेदक उपधारा (६) के अधीन रहते हुए, ऐसी फीस का संदाय करेगा, जो विहित की जाए: परन्तु धारा ६ की उपधारा (१) और धारा ७ की उपधारा (१) और उपधारा (५) के अधीन विहित फीस युक्तियुक्त होगी और ऐसे व्यक्तियों से, जो गरीबी की रेखा के नीचे है, जैसा समुचित सरकार द्वारा अवधारित किया जाए, कोई फीस प्रभारित नहीं की जाएगी।
(6) Notwithstanding anything contained in sub-section (5), the person making request for the information shall be provided the information free of charge where a public authority fails to comply with the time limits specified in sub-section (1).
(६) उपधारा (५) में किसी बात के होते हुए भी जहां कोई लोक प्राधिकारी उपधारा (१) में विनिर्दिष्ट समय-सीमा का अनुपालन करने में असफल रहता है, वहां सूचना के लिए अनुरोध करने वाले व्यक्ति को प्रभार के बिना सूचना उपलब्ध कराई जाएगी।
(7) Before taking any decision under sub-section (1), the Central Public Information Officer or State Public Information Officer, as the case may be, shall take into consideration the representation made by a third party under section 11
(७) उपधारा (१) के अधीन कोई विनिश्चय करनें से पूर्व, यथास्थिति, केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी धारा ११ के अधीन पर व्यक्ति द्वारा किए गए अभ्यावेदन को ध्यान मे रखेगा।
(8) Where a request has been rejected under sub-section (1), the Central Public Information Officer or State Public Information Officer, as the case may be, shall communicate to the person making the request,- (i) the reasons for such rejection; (ii) the period within which an appeal against such rejection may be preferred; and (iii) the particulars of the appellate authority.
(८) जहां, किसी अनुरोध को उपधारा (१) के अधीन अस्वीकृत किया गया है, वहां यथास्थिति, केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी अनुरोध करने वाले व्यक्ति को--
(१) ऐसी अस्वीकृति के लिए कारण;
(२)वह अवधि, जिसके भीतर ऐसी अस्वीकृति के विरूद्ध कोई अपील की जा सकेगी ; और
(३) अपील प्राधिकारी की विशिष्टियां, संसूचित करेगा।
(9) An information shall ordinarily be provided in the form in which it is sought unless it would disproportionately divert the resources of the public authority or would be detrimental to the safety or preservation of the record in question.
(९) किसी सूचना को साधारणतया उसी प्ररूप में उपलब्ध कराया जाएगा जिसमें उसे मांगा गया है, जब तक कि वह लोक प्राधिकारी के स्रोतों को अननुपाती रूप से विचलित न करता हो या प्रश्नगत अभिलेख की सुरक्षा या संरक्षण के प्रतिकूल न हो।
8.(1) Notwithstanding anything contained in this Act, there shall be no obligation to give any citizen,-
8. (१) इस अधिनियम में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, किसी नागरिक को निम्नलिखित सूचना देने की बाध्यता नही होगी
(a) information, disclosure of which would prejudicially affect the sovereignty and integrity of India, the security, strategic, scientific or economic interests of the State, relation with foreign State or lead to incitement of an offence;
(क) सूचना, जिसके प्रकटन से भारत की प्रभुता और अखण्डता, राज्य की सुरक्षा, रणनीति, वैज्ञानिक या आर्थिक हित, विदेश से संबंध पर प्रतिकूल प्रभाव पडता हो या किसी अपराध को करने का उद्दीपन होता हो:
(b) information which has been expressly forbidden to be published by any court of law or tribunal or the disclosure of which may constitute contempt of court;
(ख) सूचना, जिसके प्रकाशन को किसी न्यायालय या अधिकरण द्वारा अभिव्यक्त रूप से निषिद्ध किया गया है या जिसके प्रकटन से न्यायालय का अवमान होता है;
(c) information, the disclosure of which would cause a breach of privilege of Parliament or the State Legislature;
(ग) सूचना, जिसके प्रकटन से संसद या किसी राज्य के विधान-मंडल के विशेषाधिकार का भंग कारित होगा;
(d) information including commercial confidence, trade secrets or intellectual property, the disclosure of which would harm the competitive position of a third party, unless the competent authority is satisfied that larger public interest warrants the disclosure of such information;
 (घ) सूचना जिसमे वाणिज्यिक विश्वास, व्यापार गोपनीयता या बौद्धिक संपदा सम्मिलित है, जिसके प्रकटन से किसी पर व्यक्ति की प्रतियोगी स्थिति को नुकसान होता है, जब तक कि सक्षम प्राधिकारी का यह समाधान नही हो जाता है कि ऐसी सूचना के प्रकटन से विस्तृत लोक हित का समर्थन होता है;
(e) information available to a person in his fiduciary relationship, unless the competent authority is satisfied that the larger public interest warrants the disclosure of such information;
(ड) किसी व्यक्ति को उसकी वैश्वासिक नातेदारी में उपलब्ध सूचना, जब तक कि सक्षम प्राधिकारी का यह समाधान नही हो जाता है कि ऐसी सूचना के प्रकटन से विस्तृत लोक हित का समर्थन होता है;
(f) information received in confidence from foreign Government;
(च) किसी विदेशी सरकार से विश्वास में प्राप्त सूचना;
(g) information, the disclosure of which would endanger the life or physical safety of any person or identify the source of information or assistance given in confidence for law enforcement or security purposes;
(छ) सूचना जिसको प्रकट करना किसी व्यक्ति के जीवन या शारीरिक सुरक्षा को खतरे मे डालेगा या जो विधि प्रवर्तन या सुरक्षा प्रयोजनों के लिए विश्वास में दी गई किसी सूचना या सहायता के स्रोत की पहचान करेगा;
(h) information which would impede the process of investigation or apprehension or prosecution of offenders;
(ज) सूचना, जिससे अपराधियों के अन्वेषण , पकडे जाने या अभियोजन की प्रक्रिया मे अडचन पडेगी;
 (i) cabinet papers including records of deliberations of the Council of Ministers, Secretaries and other officers: Provided that the decisions of Council of Ministers, the reasons thereof, and the material on the basis of which the decisions were taken shall be made public after the decision has been taken, and the matter is complete, or over: Provided further that those matters which come under the exemptions specified in this section shall not be disclosed;
(झ) मंत्रिमंडल के कागजपत्र, जिसमें मंत्रिपरिषद, सचिवों और अन्य अधिकारियों के विचार विमर्श के अभिलेख सम्मिलित है: परन्तु यह कि मंत्रिपरिषद के विनिश्चय, उनके कारण तथा वह सामग्री जिसके आधार पर विनिश्चय किये गए थे, विनिश्चय किए जाने और विषय के पूरा या समाप्त होने के पश्चात जनता को उपलब्ध कराए जाएंगे: परन्तु यह और कि वे विषय जो इस धारा में विनिर्दिष्ट छूटों के अंतर्गत आते हैं, प्रकट नही किए जाएंगे;
(j) information which relates to personal information the disclosure of which has no relationship to any public activity or interest, or which would cause unwarranted invasion of the privacy of the individual unless the Central Public Information Officer or the State Public Information Officer or the appellate authority, as the case may be, is satisfied that the larger public interest justifies the disclosure of such information:
Provided that the information which cannot be denied to the Parliament or a State Legislature shall not be denied to any person.
(ञ) सूचना, जो व्यक्तिगत सूचना से संबंधित है, जिसका प्रकटन किसी लोक क्रियाकलाप या हित से संबंध नही रखता है या जिससे व्यक्ति की एकांतता पर अनावश्यक अतिक्रमण होगा, जब तक कि यथास्थिति, केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी या अपील प्राधिकारी का यह समाधान नही हो जाता है कि ऐसी सूचना का प्रकटन विस्तृत लोक हित में न्यायोचित है:
परन्तु ऐसी सूचना के लिए, जिसको, यथास्थिति, संसद या किसी राज्य विधान मंडल को देने से इंकार नही किया जा सकता है, किसी व्यक्ति को इंकार नही किया जा सकेगा।
(2) Notwithstanding anything in the Official Secrets Act, 1923 (19 of 1923) nor any of the exemptions permissible in accordance with sub-section (1), a public authority may allow access to information, if public interest in disclosure outweighs the harm to the protected interests.
(२) शासकीय गुप्त बात अधिनियम १९२३ मे उपधारा (१) के अनुसार अनुज्ञेय किसी छूट मे किसी बात के होते हुए भी किसी लोक प्राधिकारी को सूचना तक पहुंच अनुज्ञात की जा सकेगी यदि सूचना के प्रकटन मे लोक हित संरक्षित हितों के नुकसान से अधिक है।
(3) Subject to the provisions of clauses (a), (c) and (i) of sub-section (1), any information relating to any occurrence, event or matter which has taken place, occurred or happened twenty years before the date on which any request is made under secton 6 shall be provided to any person making a request under that section: Provided that where any question arises as to the date from which the said period of twenty years has to be computed, the decision of the Central Government shall be final, subject to the usual appeals provided for in this Act
(३) उपधारा (१) के खण्ड (क) ,खंड (ग) और खण्ड (झ) के उपबंधो के अधीन रहते हुए, किसी ऐसी घटना, वृतांत या विषय से संबंधित कोई सूचना, जो उस तारीख से, जिसको धारा ६ के अधीन कोई अनुरोध किया जाता है, बीस वर्ष पूर्व घटित हुई थी या हुआ था, उस धारा के अधीन अनुरोध करने वाले किसी व्यक्ति को उपलब्ध कराई जाएगी: परन्तु यह कि जहां उस तारीख के बारे में, जिससे बीस वर्ष कि उक्त अवधि को संगणित किया जाता है, कोई प्रश्न उदभूत होता है, वहां इस अधिनियम में उसके लिए उपबंधित प्रायिक अपीलो के अधीन रहते हुए केन्द्रीय सरकार का विनिश्चय अंतिम होगा।
9.Without prejudice to the provisions of section 8, a Central Public Information Officer or a State Public Information Officer, as the case may be, may reject a request for information where such a request for providing access would involve an infringement of copyright subsisting in a person other than the State.
9.धारा ८ के उपबन्धों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, यथास्थिति, कोई केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या कोई राज्य लोक सूचना अधिकारी सूचना के किसी अनुरोध को वहां अस्वीकार कर सकेगा जहां पहुंच उपलब्ध कराने के लिए ऐसा अनुरोध राज्य से भिन्न किसी व्यक्ति के अस्तित्वयुक्त प्रतिलिप्यधिकार का उल्लंघन अन्तर्वलित करेगा।
10.(1) Where a request for access to information is rejected on the ground that it is in relation to information which is exempt from disclosure, then, notwithstanding anything contained in this Act, access may be provided to that part of the record which does not contain any information which is exempt from disclosure under this Act and which can reasonably be severed from any part that contains exempt information.
10.(१) जहां सूचना तक पहुंच के अनुरोध को इस आधार पर अस्वीकार किया जाता है कि वह ऐसी सूचना के संबंध मे है जो प्रकट किए जाने से छूट प्राप्त है वहां इस अधिनियम में किसी बात के होते हुए भी, पहुंच अभिलेख के उस भाग तक उपलब्ध कराई जा सकेगी जसमें कोई ऐसी सूचना अन्तर्विष्ट नहीं है,जो इस अधिनियम के अधीन प्रकट किए जाने से छुट प्राप्त है और जो किसी ऎसे भाग से,जिसमे छुट प्राप्त सुचना अन्तर्विष्ट है,युक्तियुक्त रुप से पॄथक की जा सकती है
(2) Where access is granted to a part of the record under sub-section (1), the Central Public Information Officer or State Public Information Officer, as the case may be, shall give a notice to the applicant, informing-
(२) जहां उपधारा (१) के अधीन अभिलेख के किसी भाग तक पहुंच अनुदत्त की जाती है, वहां यथास्थिति, केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी निम्नलिखित सूचना देते हुए, आवेदक को एक सूचना देगा कि—
(a) that only part of the record requested, after severance of the record containing information which is exempt from disclosure, is being provided;
(क) अनुरोध किए गए अभिलेख का केवल एक भाग ही, उस अभिलेख से उस सूचना को जो प्रकटन से छूट प्राप्त है पृथक करने के पश्चात उपलब्ध कराया जा रहा है;
(b) the reasons for the decision, including any findings on any material question of fact, referring to the material on which those findings were based;
(ख) विनिश्चय के लिए कारण, जिनके अंतर्गत तथ्य के किसी महत्व्पूर्ण पर उस सामग्री के प्रति, जिस पर वे निष्कर्ष आधारित थे, निर्देश करते हुए कोई निष्कर्ष भी है;
(c) the name and designation of the person giving the decision;
(ग) विनिश्चय करने वाले व्यक्ति का नाम और पदनाम;
(d) the details of the fees calculated by him or her and the amount of fee which the applicant is required to deposit; and
(घ) उसके द्वारा संगणित फीस के ब्यौरे और फीस की वह रकम जिसकी आवेदक से निक्षेप करने की अपेक्षा की जाती है; और
(e) his or her rights with respect to review of the decision regarding non-disclosure of part of the information, the amount of fee charged or the form of access provided, including the particulars of the senior officer specified under sub-section (1) of section 19 or the Central Information Commission or the State Information Commission, as the case may be, time limit, process and any other form of access.
(ड) सूचना के भाग को प्रकट न किये जाने के संबंध मे विनिश्चय के पुनर्विलोकन के बारे में उसके अधिकार, प्रभारित फीस की रकम या उपलब्ध कराया गया पहुंच का प्ररूप, जिसके अन्तर्गत, यथास्थिति, धारा १९ की उपधारा (१) के अधीन विनिर्दिष्ट वरिष्ठ अधिकारी या केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी की विशिष्टियां, समय सीमा, प्रक्रिया और कोई अन्य पहुंच का प्ररूप भी है।
11.(1) Where a Central Public Information Officer or a State Public Information Officer, as the case may be, intends to disclose any information or record, or part thereof on a request made under this Act, which relates to or has been supplied by a third party and has been treated as confidential by that third party, the Central Public Information Officer or State Public Information Officer, as the case may be, shall, within five days from the receipt of the request, give a written notice to such third party of the request and of the fact that the Central Public Information Officer or State Public Information Officer, as the case may be, intends to disclose the information or record, or part thereof, and invite the third party to make a submission in writing or orally, regarding whether the information should be disclosed, and such submission of the third party shall be kept in view while taking a decision about disclosure of information: Provided that except in the case of trade or commercial secrets protected by law, disclosure may be allowed if the public interest in disclosure outweighs in importance any possible harm or injury to the interests of such third party.
11.(१) जहां, यथास्थिति, किसी केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी का, इस अधिनियम के अधीन किए गए अनुरोध पर कोई ऐसी सूचना या अभिलेख या उसके किसी भाग को प्रकट करने का आशय है, जो किसी पर व्यक्ति से संबंधित है या उसके द्वारा इसका प्रदाय किया गया है और उस पर व्यक्ति द्वारा उसे गोपनीय माना गया है. वहां, यथास्थिति, केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी अनुरोध प्राप्त होने से पांच दिन के भीतर, ऎसे पर व्यक्ति को अनुरोध की और इस तथ्य की लिखित रुप मे सूचना देगा कि, यथास्थिति, केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी का उक्त सूचना या अभिलेख या उसके किसी भाग को प्रकट करने का आशय है, और इस बारे में कि सूचना प्रकट की जानी चाहिए या नहीं, लिखित में या मौखिक रुप से निवेदन करने के लिए पर व्यक्ति को आमंत्रित करेगा तथा सूचना के प्रकटन के बारे में कोई विनिश्चय करते समय पर व्यक्ति के ऎसे निवेदन को ध्यान में रखा जाएगा: परन्तु विधि द्वारा संरक्षित व्यापार या वाणिज्यिक गुप्त बातों की दशा में के सिवाय, यदि ऎसे प्रकटन मे लोकहित, ऎसे पर व्यक्ति के हितों की किसी संभावित अपहानि या क्षति से अधिक महत्वपूर्ण है तो प्रकटन अनुज्ञात किया जा सकेगा ।
(2) Where a notice is served by the Central Public Information Officer or State Public Information Officer, as the case may be, under sub-section (1) to a third party in respect of any information or record or part thereof, the third party shall, within ten days from the date of receipt of such notice, be given the opportunity to make representation against the proposed disclosure.
(२). जहां उपधारा (१) के अधीन, यथास्थिति, केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी द्वारा पर व्यक्ति पर किसी सुचना या अभिलेख या उसके किसी भाग के बारे में किसी सूचना कि तामील की जाती है, वहां ऎसे पर व्यक्ति को ऎसी सूचना की प्राप्ति की तारीख से दस दिन के भीतर प्रस्तावित प्रकटन के विरुद्ध अभ्यावेदन करने का अवसर दिया जाएगा ।
(3) Notwithstanding anything contained in section 7, the Central Public Information Officer or State Public Information Officer, as the case may be, shall, within forty days after receipt of the request under section 6, if the third party has been given an opportunity to make representation under sub-section (2), make a decision as to whether or not to disclose the information or record or part thereof and give in writing the notice of his decision to the third party.
(३). धारा ७ में किसी बात के होते हुए भी, यथास्थिति, केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सुचना अधिकारी धारा ६ के अधीन अनुरोध प्राप्त होने के पश्चात चालीस दिन के भीतर, यदि पर व्यक्ति को उपधारा(२) के अधीन अभ्यावेदन करने का अवसर दे दिया गया है, तो इस बारे में विनिश्चय करेगा कि उक्त सूचना या अभिलेख या उसके भाग का प्रकटन किया जाए या नहीं और अपने विनिश्चय की सूचना लिखित में पर व्यक्ति को देगा ।
(4) A notice given under sub-section (3) shall include a statement that the third party to whom the notice is given is entitled to prefer an appeal under section 19 against the decision.
(४). उपधारा (३) के अधीन दी गई सूचना में यह कथन भी सम्मिलित होगा कि वह पर व्यक्ति, जिसे सूचना दि गई है, धारा १९ के अधीन उक्त विनिश्चय के विरुद्ध अपील करने का हकदार है ।
18.(1) Subject to the provisions of this Act, it shall be the duty of the Central Information Commission or State Information Commission, as the case may be, to receive and inquire into a complaint from any person,-
18. (१) इस अधिनियम के उपबंधो के अधीन रहते हुए, यथास्थिति, केन्द्रीय सूचना आयोग या राज्य आयोग का यह कर्तव्य होगा कि वह निम्नलिखित किसी ऐसे व्यक्ति से शिकायत प्राप्त करे और उसकी जांच करे--
(a) who has been unable to submit a request to a Central Public Information Officer or State Public Information Officer, as the case may be, either by reason that no such officer has been appointed under this Act, or because the Central Assistant Public Information Officer or State Assistant Public Information Officer, as the case may be, has refused to accept his or her application for information or appeal under this Act for forwarding the same to the Central Public Information Officer or State Public Information Officer or senior officer specified in sub-section (1) of section 19 or the Central Information Commission or the State Information Commission, as the case may be;
(क) जो, यथास्थिति, किसी केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी को, इस कारण से अनुरोध प्रस्तुत करने में असमर्थ रहा है कि इस अधिनियम के अधीन ऐसे अधिकारी की नियुक्ति नहीं की गई है या यथास्थिति, केन्द्रीय सहायक लोक सूचना अधिकारी या राज्य सहायक लोक सूचना अधिकारी ने इस अधिनियम के अधीन सूचना या अपील के लिए धारा १९ की उपधारा (१) में विनिर्दिष्ट केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी अथवा ज्येष्ठ अधिकारी या यथास्थिति केन्द्रीय सूचना आयोग या राज्य सूचना आयोग को उसके आवेदन को भेजने के लिए स्वीकार करने से इंकार कर दिया है;
(b) who has been refused access to any information requested under this Act;
(ख) जिसे इस अधिनियम के अधीन अनुरोध की गई कोई जानकारी तक पहुंच के लिए इंकार कर दिया गया है;
(c) who has not been given a response to a request for information or access to information within the time limit specified under this Act;
(ग) जिसे इस अधिनियम के अधीन विनिर्दिष्ट समय सीमा के भीतर सूचना के लिए या सूचना तक पहुंच के लिए अनुरोध का उत्तर नही दिया गया है;
(d) who has been required to pay an amount of fee which he or she considers unreasonable;
(घ) जिससे ऐसी फीस की रकम का संदाय कराने की अपेक्षा की गई है, जो वह अनुचित समझता है या समझति है;
(e) who believes that he or she has been given incomplete, misleading or false information under this Act; and
(ड) जो वह विश्वास करता है कि उसे इस अधिनियम के अधीन अपूर्ण, भ्रम में डालने वाली या मिथ्या सूचना दी गई है; और
(f) in respect of any other matter relating to requesting or obtaining access to records under this Act.
(च) इस अधिनियम के अधीन अभिलेखो के लिए अनुरोध करने या उन तक पहुंच प्राप्त करने से संबंधित किसी अन्य विषय के संबंध में।
(2) Where the Central Information Commission or State Information Commission, as the case may be, is satisfied that there are reasonable grounds to inquire into the matter, it may initiate an inquiry in respect thereof.
(२) जहां यथास्थिति केन्द्रीय सूचना आयोग या राज्य सूचना आयोग का यह समाधान हो सकता है कि उस विषय मे जांच करने के लिए युक्तियुक्त आधार है, वहां वह उसके संबंध मे जांच आरंभ कर सकेगा।
(3) The Central Information Commission or State Information Commission, as the case may be, shall, while inquiring into any matter under this section, have the same powers as are vested in a civil court while trying a suit under the Code of Civil Procedure, 1908 (5 of 1908), in respect of the following matters, namely:-
(३) यथास्थिति, केन्द्रीय सूचना आयोग या राज्य सूचना आयोग को, इस धारा के अधीन किसी मामले मे जांच करते है वही शक्तियां प्राप्त होंगी जो निम्नलिखित मामलों के संबंध मे सिविल प्रक्रिया संहिता १९०८ के अधीन किसी वाद का विचारण करते समय सिविल न्यायालय मे निहित होती है अर्थात:-
(a) summoning and enforcing the attendance of persons and compel them to give oral or written evidence on oath and to produce the documents or things;
(क) किन्ही व्यक्तियों को समन करना और उन्हे उपस्थित कराना तथा शपथ पर मौखिक या लिखित साक्ष्य देने के लिए और दस्तावेज या चीजें पेश करने के लिए उनको विवश करना;
(b) requiring the discovery and inspection of documents;
(ख) दस्तावेजों के प्रकटीकरण और निरीक्षण की अपेक्षा करना;
(c) receiving evidence on affidavit;
(ग) शपथपत्र पर साक्ष्य को अभिग्रहण करना;
(d) requisitioning any public record or copies thereof from any court or office;
(घ) किसी न्यायालय या कार्यालय से किसी लोक अभिलेख या उसकी प्रतियां मंगाना;
(e) issuing summons for examination of witnesses or documents; and
(ड) साक्षियों या दस्तावेजों की परीक्षा के लिए समन जारी करना;और
(f) any other matter which may be prescribed. 
(च) कोई अन्य विषय, जो विहित किया जाए।
(4) Notwithstanding anything inconsistent contained in any other Act of Parliament or State Legislature, as the case may be, the Central Information Commission or the State Information Commission, as the case may be, may, during the inquiry of any complaint under this Act, examine any record to which this Act applies which is under the control of the public authority, and no such record may be withheld from it on any grounds.
(४) यथास्थिति, संसद या राज्य विधान-मंडल के किसी अन्य अधिनियम में अंतर्विष्ट किसी असंगत बात के होते हुए भी, यथास्थिति, केन्द्रीय सूचना आयोग या राज्य सूचना आयोग इस अधिनियम के अधीन किसी शिकायत की जांच करने के दौरान, ऐसे किसी अभिलेख की परीक्षा कर सकेगा, जिसे यह अधिनियम लागू होता है और लोक प्राधिकारी के नियंत्रण में है और उसके द्वारा ऐसे किसी अभिलेख को किन्हीं भी आधारों पर रोका नही जाएगा।
19.(1) Any person who, does not receive a decision within the time specified in sub-section (1) or clause (a) of sub-section (3) of section 7, or is aggrieved by a decision of the Central Public Information Officer or State Public Information Officer, as the case may be, may within thirty days from the expiry of such period or from the receipt of such a decision prefer an appeal to such officer who is senior in rank to the Central Public Information Officer or State Public Information Officer as the case may be, in each public authority: Provided that such officer may admit the appeal after the expiry of the period of thirty days if he or she is satisfied that the appellant was prevented by sufficient cause from filing the appeal in time.
19. (१) ऐसा कोई व्यक्ति, जिसे धारा ७ की उपधारा (१) या उपधारा (३) के खंड (क) मे विनिर्दिष्ट समय के भीतर कोई विनिश्चय प्राप्त नही हुआ है या जो, यथास्थिति केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी के किसी विनिश्चय से व्यथित है, उस अवधि की समाप्ति से या ऐसे किसी विनिश्चय की प्राप्ति से तीस दिन के भीतर ऐसे अधिकारी को अपील कर सकेगा, जो प्रत्येक लोक प्राधिकरण में, यथास्थिति ; केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी की पंक्ति से ज्येष्ठ पंक्ति का है: परन्तु ऐसा अधिकारी, तीस दिन की अवधि की समाप्ति के पश्चात अपील को ग्रहण कर सकेगा, यदि उसका यह समाधान हो जाता है कि अपीलार्थी समय पर अपील फाइल करने में पर्याप्त कारण से निवारित किया गया था।
(2) Where an appeal is preferred against an order made by a Central Public Information Officer or a State Public Information Officer, as the case may be, under section 11 to disclose third party information, the appeal by the concerned third party shall be made within thirty days from the date of the order.
(२) जहां अपील धारा ११ के अधीन, यथास्थिति, किसी केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या किसी राज्य लोक सूचना अधिकारी द्वारा पर व्यक्ति की सूचना प्रकट करने के लिए किए गए किसी आदेश के विरूद्ध की जाती है वहां संबंधित पर व्यक्ति द्वारा अपील, उस आदेश की तारीख से ३० दिन के भीतर की जाएगी।
(3) A second appeal against the decision under sub-section (1) shall lie within ninety days from the date on which the decision should have been made or was actually received, with the Central Information Commission or the State Information Commission: Provided that the Central Information Commission or the State Information Commission, as the case may be, may admit the appeal after the expiry of the period of ninety days if it is satisfied that the appellant was prevented by sufficient cause from filing the appeal in time.
(३) उपधारा (१) के अधीन विनिश्चय के विरूद्ध दूसरी अपील उस तारीख से, जिसको विनिश्चय किया जाना चाहिए था या वास्तव में प्राप्त किया गया था, नब्बे दिन के भीतर केन्द्रीय सूचना आयोग या राज्य सूचना आयोग को होगी:
परन्तु यथास्थिति, केन्द्रीय सूचना आयोग या राज्य सूचना आयोग नब्बे दिन की अवधि के समाप्ति के पश्चात अपील को ग्रहण कर सकेगा यदि उसका यह समाधान हो जाता है कि अपीलार्थी समय पर अपील फाइल करने से पर्याप्त कारण से निवारित किया गया था।
(4) If the decision of the Central Public Information Officer or State Public Information Officer, as the case may be, against which an appeal is preferred relates to information of a third party, the Central Information Commission or State Information Commission, as the case may be, shall give a reasonable opportunity of being heard to that third party.
(४) यदि यथास्थिति, केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी का विनिश्चय, जिसके विरूद्ध अपील की गई है, पर व्यक्ति की सूचना से संबंधित है तो यथास्थिति केन्द्रीय सूचना आयोग या राज्य सूचना आयोग उस पर व्यक्ति को सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर देगा।
(5) In any appeal proceedings, the onus to prove that a denial of a request was justified shall be on the Central Public Information Officer or State Public Information Officer, as the case may be, who denied the request.
(५) अपील संबंधी किन्हीं कार्यवाहियों में यह साबित करने का भार कि अनुरोध को अस्वीकार करना न्यायोचित था, यथास्थिति, केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी पर, जिसने अनुरोध से इंकार किया था, होगा।
(6) An appeal under sub-section (1) or sub-section (2) shall be disposed of within thirty days of the receipt of the appeal or within such extended period not exceeding a total of forty-five days from the date of filing thereof, as the case may be, for reasons to be recorded in writing.
(६) उपधारा (१) या उपधारा (२) के अधीन किसी अपील का निपटारा, लेखबद्ध किए जाने वाले कारणों से, अपील की प्राप्ति के तीस दिन के भीतर या ऐसी विस्तारित अवधि के भीतर जो उसके फाइल किए जाने की तारीख से कुल पैंतालीस दिन से अधिक न हो, किया जाएगा।
(7) The decision of the Central Information Commission or State Information Commission, as the case may be, shall be binding.
(७) यथास्थिति, केन्द्रीय सूचना आयोग या राज्य सूचना आयोग का विनिश्चय आबद्धकर होगा।
(8) In its decision, the Central Information Commission or State Information Commission, as the case may be, has the power to-
(८) अपने विनिश्चय में, यथास्थित्ति, केन्द्रीय लोक सूचना आयोग या राज्य सूचना आयोग को निम्नलिखित की शक्ति है—
(a) require the public authority to take any such steps as may be necessary to secure compliance with the provisions of this Act, including-
(क) लोक प्राधिकरण से ऐसे उपाय करने की अपेक्षा करना, जो इस अधिनियम के उपबंधो का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक हो, जिनके अंतर्गत निम्नलिखित भी है:--
(i) by providing access to information, if so requested, in a particular form;
(१) सूचना तक पहुंच उपलब्ध कराना, यदि विशिष्ट प्ररूप में ऐसा अनुरोध किया गया है;
(ii) by appointing a Central Public Information Officer or State Public Information Officer, as the case may be;
(२) यथास्थिति, केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी को नियुक्त करना;
(iii) by publishing certain information or categories of information;
(३) कतिपय सूचना या सूचना के प्रवर्गो को प्रकाशित करना;
(iv) by making necessary changes to its practices in relation to the maintenance, management and destruction of records;
(४) अभिलेखों के अनुरक्षण , प्रबंध और विनाश से संबंधित अपनी पद्धतियो में आवश्यक परिवर्तन करना;
(v) by enhancing the provision of training on the right to information for its officials;
(५) अपने अधिकारियों केलिए सूचना के अधिकार के संबंध में प्रशिक्षण के उपबंध को बढाना;
(vi) by providing it with an annual report in compliance with clause (b) of sub-section (1) of section 4;
(६) धारा ४ की उपधारा (१) के खंड (ख) के अनुसरण में अपनी एक वार्षिक रिपोर्ट उपलब्ध कराना;
(b) require the public authority to compensate the complainant for any loss or other detriment suffered;
(ख) लोक प्राधिकारी से शिकायतकर्ता को, उसके द्वारा सहन की गई हानि या अन्य नुकसान के लिए प्रतिपूरित करने की अपेक्षा करना;
(c) impose any of the penalties provided under this Act;
(ग) इस अधिनियम के अधीन उपबंधित शास्तियों में से कोई शास्ति अधिरोपित करना;
(d) reject the application.
(घ) आवेदन को नामंजूर करना।
(9) The Central Information Commission or State Information Commission, as the case may be, shall give notice of its decision, including any right of appeal, to the complainant and the public authority.
(९) यथास्थिति, केन्द्रीय सूचना आयोग या राज्य सूचना आयोग शिकायतकर्ता और लोक प्राधिकारी को, अपने विनिश्चय की, जिसके अंतर्गत अपील का कोई अधिकार भी है, सूचना देगा।
(10) The Central Information Commission or State Information Commission, as the case may be, shall decide the appeal in accordance with such procedure as may be prescribed.
(१०) यथास्थिति, केन्द्रीय सूचना आयोग या राज्य सूचना आयोग, अपील का विनिश्चय ऐसी प्रक्रिया के अनुसार करेगा, जो विहित की जाए।
20 (1) Where the Central Information Commission or the State Information Commission, as the case may be, at the time of deciding any complaint or appeal is of the opinion that the Central Public Information Officer or the State Public Information Officer, as the case may be, has, without any reasonable cause, refused to receive an application for information or has not furnished information within the time specified under sub-section (1) of section 7 or malafidely denied the request for information or knowingly given incorrect, incomplete or misleading information or destroyed information which was the subject of the request or obstructed in any manner in furnishing the information, it shall impose a penalty of two hundred and fifty rupees each day till application is received or information is furnished, so however, the total amount of such penalty shall not exceed twenty-five thousand rupees: Provided that the Central Public Information Officer or the State Public Information Officer, as the case may be, shall be given a reasonable opportunity of being heard before any penalty is imposed on him: Provided further that the burden of proving that he acted reasonably and diligently shall be on the Central Public Information Officer or the State Public Information Officer, as the case may be.
20. (१) जहां किसी शिकायत या अपील का विनिश्चय करते समय, यथास्थिति, केन्द्रीय सूचना आयोग या राज्य सूचना आयोग की यह राय है कि, यथास्थिति, केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी ने, किसी युक्तियुक्त कारण के बिना सूचना के लिए, कोई आवेदन प्राप्त करने से इंकार किया है या धारा ७ की उपधारा (१) के अधीन विनिर्दिष्ट समय के भीतर सूचना नही दी है या असदभावपूर्वक सूचना के लिए अनुरोध से इंकार किया है या जानबूझकर गलत, अपूर्ण या भ्रामक सूचना दी है या उस सूचना को नष्ट कर दिया है, जो अनुरोध का विषय थी या किसी रीति से सूचना देने मे बाधा डाली है, तो वह ऐसे प्रत्येक दिन के लिए, जब तक आवेदन प्राप्त किया जाता है या सूचना दी जाती है, दो सौ पचास रूपये की शास्ति अधिरोपित करेगा, तथापि, ऐसी शास्ति की कुल रकम पच्चीस हजार रूपये से अधिक नही होगी: परंतु, यथास्थिति, केन्द्रीय सूचना अधिकारी या राज्य सूचना अधिकारी को, उस पर कोई शास्ति अधिरोपित किए जाने के पूर्व, सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर दिया जाएगा: परंतु यह और कि यह साबित करने का भार कि उसने युक्तियुक्त रूप से और तत्परतापूर्वक कार्य किया है,यथास्थिति, केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी पर होगा।
  (2) Where the Central Information Commission or the State Information Commission, as the case may be, at the time of deciding any complaint or appeal is of the opinion that the Central Public Information Officer or the State Public Information Officer, as the case may be, has, without any reasonable cause and persistently, failed to receive an application for information or has not furnished information within the time specified under sub-section (1) of section 7 or malafidely denied the request for information or knowingly given incorrect, incomplete or misleading information or destroyed information which was the subject of the request or obstructed in any manner in furnishing the information, it shall recommend for disciplinary action against the Central Public Information Officer or the State Public Information Officer, as the case may be, under the service rules applicable to him.
(२) जहां किसी शिकायत या अपील का विनिश्चय करते समय, यथास्थिति, केन्द्रीय सूचना आयोग या राज्य सूचना आयोग की यह राय है कि,यथास्थिति, केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी, किसी युक्तियुक्त कारण के बिना और लगातार सूचना के लिए कोई आवेदन प्राप्त करने में असफल रहा हैं या उसने धारा ७ की उपधारा (१) के अधीन विनिर्दिष्ट समय के भीतर सूचना नही दी है या असदभावपूर्वक सूचना के लिए अनुरोध से इंकार किया है या जानबूझकर गलत, अपूर्ण या भ्रामक सूचना दी है या ऐसी सूचना को नष्ट कर दिया है, जो अनुरोध का विषय थी या किसी रीति से सूचना देने मे बाधा डाली है वहां वह वह यथास्थिति, ऐसे केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी के विरूद्ध उसे लागू सेवा नियमो के अधीन अनुशासनिक कार्रवाई के लिए सिफारिश करेगा।
21. Protection of action taken in good faith.-No suit, prosecution or other legal proceeding shall lie against any person for anything which is in good faith done or intended to be done under this Act or any rule made thereunder.
21. कोई वाद, अभियोजन या अन्य विधिक कार्यवाही किसी भी ऐसी बात के बारे में, जो इस अधिनियम या उसके अधीन बनाए गए किसी नियम के अधीन सदभावपूर्वक की गई है या की जाने के लिए आशयित है, किसी व्यक्ति के विरूद्ध न होगी।
22. Act to have overriding effect.-The provisions of this Act shall have effect notwithstanding anything inconsistent therewith contained in the Official Secrets Act, 1923 (19 of 1923), and any other law for the time being in force or in any instrument having effect by virtue of any law other than this Act.
22.इस अधिनियम के उपबंध, शासकीय गुप्त बात अधिनियम १९२३ और तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि में या इस अधिनियम से अन्यथा किसी विधि के आधार पर प्रभाव रखने वाली किसी लिखत में, उससे असंगत किसी बात के होते हुए भी, प्रभावी होंगे।
23. No court shall entertain any suit, application or other proceeding in respect of any order made under this Act and no such order shall be called in question otherwise than by way of an appeal under this Act.
23. कोई न्यायालय, इस अधिनियम के अधीन किए गए किसी आदेश के संबंध मे कोई वाद आवेदन या अन्य कार्यवाही ग्रहण नही करेगा और ऐसे किसी आदेश को, इस अधिनियम के अधीन किसी अपील के रूप में के सिवाए किसी रूप मे प्रश्नगत नही किया जाएगा।
 24.(1) Nothing contained in this Act shall apply to the intelligence and security organisations specified in the Second Schedule, being organisations established by the Central Government or any information furnished by such organisations to that Government: Provided that the information pertaining to the allegations of corruption and human rights violations shall not be excluded under this sub-section: Provided further that in the case of information sought for is in respect of allegations of violation of human rights, the information shall only be provided after the approval of the Central Information Commission, and notwithstanding anything contained in section 7, such information shall be provided within forty-five days from the date of the receipt of request.
24. (१) इस अधिनियम में अंतर्विष्ट कोई बात, केन्द्रीय सरकार द्वारा स्थापित आसूचना और सूरक्षा संगठनों को, जो दूसरी अनुसूची में विनिर्दिष्ट है या ऐसे संगठनों द्वारा उसे सरकार को दी गई किसी सूचना को लागू नही होगी: परन्तु भ्रष्टाचार और मानव अधिकारों के अतिक्रमण के अभिकथनों से संबंधित सूचना इस उपधारा के अधीन अपवर्जित नही की जाएगी: परन्तु यह और कि यदि मांगी गई सूचना मानवाधिकारों के अतिक्रमण के अभिकथनों से संबंधित है तो सूचना केन्द्रीय सूचना आयोग के अनुमोदन के पश्चात ही दी जाएगी और धारा ७ में किसी बात के होते हुए भी, ऐसी सूचना अनुरोध की प्राप्ति के पैंतालीस दिन के भीतर दी जाएगी।
(2) The Central Government may, by notification in the Official Gazette, amend the Schedule by including therein any other intelligence or security organisation established by that Government or omitting therefrom any organisation already specified therein and on the publication of such notification, such organisation shall be deemed to be included in or, as the case may be, omitted from the Schedule.
(२) केन्द्रीय सरकार, राजपत्र मे किसी अधिसूचना द्वारा, अनुसूची का उस सरकार द्वारा स्थापित किसी अन्य आसूचना या सुरक्षा संगठनो को उसमें सम्मिलित करके या उसमें पहले से विनिर्दिष्ट किसी संगठन का उससे लोप करके, संशोधन कर सकेगी और ऐसी अधिसूचना के प्रकाशन पर ऐसे संगठन को अनुसूचि में, यथास्थिति, सम्मिलित किया गया या उसका उससे लोप किया गया समझा जाएगा।
(3) Every notification issued under sub-section (2) shall be laid before each House of Parliament.
(३) उपधारा (२) के अधीन जारी की गई प्रत्येक अधिसूचना, संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष रखी जाएगी।
(4) Nothing contained in this Act shall apply to such intelligence and security organisation being organisations established by the State Government, as that Government may, from time to time, by notification in the Official Gazette, specify: Provided that the information pertaining to the allegations of corruption and human rights violations shall not be excluded under this sub-section: Provided further that in the case of information sought for is in respect of allegations of violation of human rights, the information shall only be provided after the approval of the State Information Commission and, notwithstanding anything contained in section 7, such information shall be provided within forty-five days from the date of the receipt of request.
(४) इस अधिनियम की कोई बात ऐसे आसूचना और सुरक्षा संगठनो को लागू नही होगी, जो राज्य सरकार द्वारा स्थापित ऐसे संगठन है, जिन्हे वह सरकार समय समय पर, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा,विनिर्दिष्ट करे: परन्तु भ्रष्टाचार और मानव अधिकारो के अतिक्रमण के अभिकथनों से संबंधित है तो सूचना राज्य सूचना आयोग के अनुमोदन के पश्चात ही दी जाएगी और धारा ७ में किसी बात के होते हुए भी, ऐसी सूचना अनुरोध की प्राप्ति के पैंतालीस दिनों के के भीतर दी जाएगी।
(5) Every notification issued under sub-section (4) shall be laid before the State Legislature
(५) उपधारा (४) के अधीन जारी की गई प्रत्येक अधिसूचना राज्य विधान-मंडल के समक्ष रखी जाएगी।
 25 (1) The Central Information Commission or State Information Commission, as the case may be, shall, as soon as practicable after the end of each year, prepare a report on the implementation of the provisions of this Act during that year and forward a copy thereof to the appropriate Government.
25. (१) यथास्थिति, केन्द्रीय सूचना आयोग या राज्य सूचना आयोग, प्रत्येक वर्ष के अन्त के पश्चात, यथासाध्यशीघ्रता से उसे वर्ष के दौरान इस अधिनियम के उपबंधो के कार्यान्वयन के संबंध मे एक रिपोर्ट तैयार करेगा और उसकी एक प्रति समुचित सरकार को भेजेगा।
(2) Each Ministry or Department shall, in relation to the public authorities within their jurisdiction, collect and provide such information to the Central Information Commission or State Information Commission, as the case may be, as is required to prepare the report under this section and comply with the requirements concerning the furnishing of that information and keeping of records for the purposes of this section.
(२) प्रत्येक मंत्रालय या विभाग, अपनी अधिकारिता के भीतर लोक प्राधिकारियों के संबंध मे, ऐसी सूचना एकत्रित करेगा और उसे,यथास्थिति, केन्द्रीय सूचना आयोग या राज्य सूचना आयोग को उपलब्ध कराएगा, जो इस धारा के अधीन रिपोर्ट तैयार करने के लिए अपैक्षित है और इस धारा के प्रयोजनो के लिए, उस सूचनो को देने तथा अभिलेख रखने से संबंधित अपेक्षाओं का पालन करेगा।
(3) Each report shall state in respect of the year to which the report relates,-
(३) प्रत्येक रिपोर्ट मे, उस वर्ष के संबंध मे, जिसमे रिपोर्ट संबंधित हैं निम्नलिखित के बारे में कथन होगा—
(a) the number of requests made to each public authority;
(क) प्रत्येक लोक प्राधिकारी से किए गए अनुरोधो की संख्या;
(b) the number of decisions where applicants were not entitled to access to the documents pursuant to the requests, the provisions of this Act under which these decisions were made and the number of times such provisions were invoked;
(ख) ऐसे विनिश्चयो की संख्या, जहां आवेदक अनुरोधो के अनुसरण में दस्तावेजो तक पहुंच के लिए हकदार नही थे, इस अधिनियम के वे उपबंध, जिनके अधीन ये विनिश्चय किए गए थे और ऐसे समयों की संख्या, जब ऐसे उपबंधो का अवलंब लिया गया था;
(c) the number of appeals referred to the Central Information Commission or State Information Commission, as the case may be, for review, the nature of the appeals and the outcome of the appeals;
(ग) पुनर्विलोकन के लिए यथास्थिति, केन्द्रीय सूचना आयोग या राज्य सूचना आयोग को निर्दिष्ट की गई अपीलो की संख्या, अपीलो की प्रकृति और अपीलो के निष्कर्ष;
(d) particulars of any disciplinary action taken against any officer in respect of the administration of this Act;
(घ) इस अधिनियम के प्रशासन के संबंध मे किसी अधिकारी के विरूद्ध की गई अनुशासनिक कार्रवाई की विशिष्टियां;
(e) the amount of charges collected by each public authority under this Act;
(ड) इस अधिनियम के अधीन प्रत्येक लोक प्राधिकारी द्वारा एकत्रित की गई प्रभारो की रकम;
(f) any facts which indicate an effort by the public authorities to administer and implement the spirit and intention of this Act;
(च) कोई ऐसे तथ्य जो इस अधिनियम की भावना और आशय को प्रशासित और कार्यान्वित करने के लिए लोक प्राधिकारियों के किसी प्रयास को उपदर्शित करते हैं;
(g) recommendations for reform, including recommendations in respect of the particular public authorities, for the development, improvement, modernisation, reform or amendment to this Act or other legislation or common law or any other matter relevant for operationalising the right to access information.
(छ) सुधार के लिए सिफारिशें, जिनके अंतर्गत इस अधिनियम या अन्य विधान या सामान्य विधि के विकास, समुन्नति, आधुनिकीकरण, सुधार या संशोधन के लिए विशिष्ट लोक प्राधिकारियों के संबंध में सिफारिशें या सूचना तक पहुंच के अधिकार को प्रवर्तनशील बनाने मे सुसंगत कोई अन्य विषय भी हैं।
(4) The Central Government or the State Government, as the case may be, may, as soon as practicable after the end of each year, cause a copy of the report of the Central Information Commission or the State Information Commission, as the case may be, referred to in sub-section (1) to be laid before each House of Parliament or, as the case may be, before each House of the State Legislature, where there are two Houses, and where there is one House of the State Legislature before that House.
(४) यथास्थिति , केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार प्रत्येक वर्ष के अन्त के पश्चात यथासाध्यशीघ्रता से उपधारा(१) मे निर्दिष्ट, यथास्थिति यथास्थिति, केन्द्रीय सूचना आयोग या राज्य सूचना आयोग की रिपोर्ट की एक प्रति संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष या जहां राज्य विधान मंडल के दो सदन हैं वहां प्रत्येक सदन के समक्ष और जहां राज्य विधान-मंडल का एक सदन है वहां उस सदन के समक्ष रखवाएगी।
 (5) If it appears to the Central Information Commission or State Information Commission, as the case may be, that the practice of a public authority in relation to the exercise of its functions under this Act does not conform with the provisions or spirit of this Act, it may give to the authority a recommendation specifying the steps which ought in its opinion to be taken for promoting such conformity.
(५) यथास्थिति, केन्द्रीय सूचना आयोग या राज्य सूचना आयोग को ऐसा प्रतीत होता है कि इस अधिनियम के अधीन अपने कृत्यो का प्रयोग करने के संबंध मे किसी लोक प्राधिकारी की पद्धति इस अधिनियम के उपबंधो या भावना के अनुरूप नही हैं तो वह प्राधिकारी को ऐसे उपाय विनिर्दिष्ट करते हुए, जो उसकी राय में ऐसी अनुरूपता को बढाने के लिए किए जाने चाहिएं, सिफारिश कर सकेगा।
26.(1) The appropriate Government may, to the extent of availability of financial and other resources,-
26. (१) केन्द्रीय सरकार, वित्तीय और अन्य संसाधनों की उपलब्धता की सीमा तक
(a) develop and organise educational programmes to advance the understanding of the public, in particular of disadvantaged communities as to how to exercise the rights contemplated under this Act;
(क) जनत की विशेष रूप से, उपेक्षित समुदायो की इस बारे में समझ की, वृद्धि करने के लिए कि इस अधिनियम के अधीन अनुध्यात अधिकारों का प्रयोग कैसे किया जाए शैक्षिक कार्यक्रम बना सकेगी और आयोजित कर सकेगी;
(b) encourage public authorities to participate in the development and organisation of programmes referred to in clause (a) and to undertake such programmes themselves;
(ख) लोक प्राधिकारियों को खंड (क) मे निर्दिष्ट कार्यक्रमों को बनाने और उनके आयोजन में भाग लेने और ऐसे कार्यक्रमों का स्वयं जिम्मा लेने के लिए प्रोत्साहित कर सकेगी;
(c) promote timely and effective dissemination of accurate information by public authorities about their activities; and
(ग) लोक प्राधिकारियों द्वारा उनके क्रियाकलापों के बारे मे सही जानकारी का समय से और प्रभावी रूप में प्रसारित किये जाने को बढावा दे सकेगी;
(d) train Central Public Information Officers or State Public Information Officers, as the case may be, of public authorities and produce relevant training materials for use by the public authorities themselves.
(घ) लोक प्राधिकरणों के, यथास्थिति, केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारीयों या राज्य सूचना अधिकारियों को प्रसिक्षित कर सकेगी और लोक प्राधिकरणों द्वारा स्वयं के उपयोग के लिए सुसंगत प्रशिक्षण सामग्रियों का उत्पादन कर सकेगी।
(2) The appropriate Government shall, within eighteen months from the commencement of this Act, compile in its official language a guide containing such information, in an easily comprehensible form and manner, as may reasonably be required by a person who wishes to exercise any right specified in this Act.
(२) समुचित सरकार इस अधिनियम के प्रारंभ से अठारह मास के भीतर अपनी राजभाषा में, सहज व्यापक रूप और रीति से ऐसी सूचना वाली एक मार्गदर्शिका संकलित करेगी, जिसकी ऐसे किसी व्यक्ति द्वारा युक्तियुक्त रूप में अपेक्षा की जाए, जो अधिनियम मे विनिर्दिष्ट किसी अधिकार का प्रयोग करना चाहता है।
(3) The appropriate Government shall, if necessary, update and publish the guidelines referred to in sub-section (2) at regular intervals which shall, in particular and without prejudice to the generality of sub-section (2), include-
(३) समुचित सरकार यदि आवश्यक हो तो उपधारा (२) में निर्दिष्ट मार्गदर्शी सिद्धातों को नियमित अंतरालों पर अद्यतन और प्रकाशित करेगी, जिनमे विशिष्टतया और उपधारा (२) की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना निम्नलिखित सम्मिलित होगा
(a) the objects of this Act;
(क) इस अधिनियम के उद्देश्य;
(b) the postal and street address, the phone and fax number and, if available, electronic mail address of the Central Public Information Officer or State Public Information Officer, as the case may be, of every public authority appointed under sub-section (1) of section 5;
(ख) धारा ५ की उपधारा (१) के अधीन नियुक्त प्रत्येक लोक प्राधिकरण के, यथास्थिति,यथास्थिति, केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी का डाक का पता, फोन और फैक्स नंबर और यदि उपलब्ध हो तो उसका इलैक्ट्रानिक डाक पता;
(c) the manner and the form in which request for access to an information shall be made to a Central Public Information Officer or State Public Information Officer, as the case may be;
(ग) वह रीति और प्ररूप जिसमे यथास्थिति, किसी केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य सूचना अधिकारी से किसी सूचना तक पहुंच का अनुरोध किया जाएगा;
(d) the assistance available from and the duties of the Central Public Information Officer or State Public Information Officer, as the case may be, of a public authority under this Act;
(घ) इस अधिनियम के अधीन लोक प्राधिकरण के,यथास्थिति, किसी केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी या राज्य लोक सूचना अधिकारी से उपलब्ध सहायता और उसके कर्तव्य;
(e) the assistance available from the Central Information Commission or State Information Commission, as the case may be;
(ड) यथास्थिति, केन्द्रीय सूचना आयोग या राज्य सूचना आयोग से उपलब्ध सहायता;
(f) all remedies in law available regarding an act or failure to act in respect of a right or duty conferred or imposed by this Act including the manner of filing an appeal to the Commission;
(च) इस अधिनियम द्वारा प्रदत्त या अधिरोपित किसी अधिकार या कर्तव्य के संबंध मे कोई कार्य करने या करने मे असफल रहने के बारे में विधि में उपलब्ध सभी उपचार जिनके अंतर्गत आयोग को अपील फाइल करने की रीति भी है;
(g) the provisions providing for the voluntary disclosure of categories of records in accordance with section 4;
(छ) धारा ४ के अनुसार अभिलेखो के प्रवर्गो के स्वैच्छिक प्रकटन के लिए उपबंध करने वाले उपबंध;
(h) the notices regarding fees to be paid in relation to requests for access to an information; and
(ज) किसी सूचना तक पहुंच के लिए अनुरोधो के संबंध मे संदत्त की जाने वाली फीसो से संबंधित सूचनाएं; और
(i) any additional regulations or circulars made or issued in relation to obtaining access to an information in accordance with this Act.
(झ) इस अधिनियम के अनुसार किसी सूचना तक पहुंच प्राप्त करने के संबंध में बनाए गए या जारी किए गए कोई अतिरिक्त विनियम या परिपत्र।
(4) The appropriate Government must, if necessary, update and publish the guidelines at regular intervals.
(४) समुचित सरकार को यदि आवश्यक हो, नियमित अंतरालों पर मार्गदर्शी सिद्धांतों को अद्यतन और प्रकाशित करना चाहिए।
27. (1) The appropriate Government may, by notification in the Official Gazette, make rules to carry out the provisions of this Act.
27. (१). समुचित सरकार इस अधिनियम के उपबंधों को कार्यान्वित करने के लिए, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, नियम बना सकेगी।
(2) In particular, and without prejudice to the generality of the foregoing power, such rules may provide for all or any of the following matters, namely:-
(२). विशिष्टतया और पूर्वगामी शक्ति की व्यापक्ता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, ऎसे नियम निम्नलिखित सभी या किसी विषय के लिए उपबंध कर सकेंगे, अर्थात:-
(a) the cost of the medium or print cost price of the materials to be disseminated under sub-section (4) of section 4;
(क). धारा ४ की उपधारा (४) के अधीन प्रसारित की जाने वाली सामग्रियों के माध्यम की लागत या प्रिन्ट लागत मूल्य;
(b) the fee payable under sub-section (1) of section 6;
(ख). धारा ६ की उपधारा (१) के अधीन संदेय फीस
(c) the fee payable under sub-sections (1) and (5) of section 7;
(ग). धारा ७ की उपधारा (१) और उपधारा (५) के अधीन संदेय फीस
(d) the salaries and allowances payable to and the terms and conditions of service of the officers and other employees under sub-section (6) of section 13 and sub-section (6) of section 16;
(घ).धारा १३ की उपधारा (६) और धारा १६ की उपधारा (६) के अधीन अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों को संदेय वेतन और भत्ते तथा उनकी सेवा के निबंधन और शर्तें;
(e) the procedure to be adopted by the Central Information Commission or State Information Commission, as the case may be, in deciding the appeals under sub-section (10) of section 19; and
(ड). धारा १९ की उपधारा (१०) के अधीन अपीलों का विनिश्चय करते समय, यथास्थिति, केन्द्रीय सूचना आयोग या राज्य सूचना आयोग द्वारा अपनाई जाने वाली प्रक्रिया ;
(f) any other matter which is required to be, or may be, prescribed.
(च). कोई अन्य विषय जो विहित किए जाने के लिए अपेक्षित हो या विहित किया जाए ।
नियम बनाने की सक्षम प्राधिकारी की शक्ति
28.(1) The competent authority may, by notification in the Official Gazette, make rules to carry out the provisions of this Act.
28.(१)सक्षम प्राधिकारी, इस अधिनियम के उपबंधों को कार्यान्वित करने के लिए राज पत्र में अधिसूचना द्वारा नियम बना सकेगा ।
(2) In particular, and without prejudice to the generality of the foregoing power, such rules may provide for all or any of the following matters, namely:-
(२). विशिष्टतया और पूर्वगामी शक्ति की व्यापक्ता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना ऎसे नियम निम्नलिखित सभी या किसी विषय के लिए उपबंध कर सकेंगे अर्थात:-  
(i) the cost of the medium or print cost price of the materials to be disseminated under sub-section (4) of section 4;
(१). धारा ४ की उपधारा ४ के अधीन प्रसारित की जाने वाली सामग्रियों के माध्यम की लागत या प्रिन्ट लागत मूल्य ;
(ii) the fee payable under sub-section (1) of section 6;
(२). धारा ६ की उपधारा (४) के अधीन संदेय फीस;
(iii) the fee payable under sub-section (1) of section 7; and
(३). धारा ७ की उपधारा (४) के अधीन संदेय फीस; और
(iv) any other matter which is required to be, or may be, prescribed.
(४). कोई अन्य विषय जो विहित किए जाने के लिए आपेक्षित हो या विहित किया जाए ।
29.(1) Every rule made by the Central Government under this Act shall be laid, as soon as may be after it is made, before each House of Parliament, while it is in session, for a total period of thirty days which may be comprised in one session or in two or more successive sessions, and if, before the expiry of the session immediately following the session or the successive sessions aforesaid, both Houses agree in making any modification in the rule or both Houses agree that the rule should not be made, the rule shall thereafter have effect only in such modified form or be of no effect, as the case may be; so, however, that any such modification or annulment shall be without prejudice to the validity of anything previously done under that rule.
29.(1) इस विधिनियम के अधीन केन्द्रीय सरकार द्वारा बनाया गया प्रत्येक नियम, बनाए जाने के पश्चात यथाशीघ्र संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष, जब वह ऎसी कुल ३० दिन की अवधि के लिए सत्र में हो, जो एक सत्र में अथवा दो या अधिक आनुक्रमित सत्रों में पूरी हो सकती है रखा जाएगा और यदि उस सत्र के या पूर्वोक्त आनुक्रमिक सत्रों के ठीक बाद बाद के सत्र के अवसान के पूर्व दोनों सदन उस नियम में कोई परिवर्तन करने के लिए सहमत हो जाएं या दोनो सदन इस बात से सहमत हो जाएं कि ऎसा नियम नहीं बनाया जाना चाहिए तो ऎसा नियम तत्पश्चात यथास्थिति, केवल ऎसे रुप में ही प्रभावी होगा या उसका कोई प्रभाव नही होगा तथापि, उस नियम के ऎसे उपांतरित या निष्प्रभाव होने से उसके अधीन पहले से की गई किसी बात की विधिमान्यता पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पडेगा ।
(2) Every rule made under this Act by a State Government shall be laid, as soon as may be after it is notified, before the State Legislature.
(2)इस अधिनियम के अधीन किसी राज्य सरकार द्वारा बनाया प्रत्येक नियम अधिसूचित किए जाने के पश्चात यथाशीघ्र राज्य विधानमंडल के समक्ष रखा जाएगा ।
30.(1) If any difficulty arises in giving effect to the provisions of this Act, the Central Government may, by order published in the Official Gazette, make such provisions not inconsistent with the provisions of this Act as appear to it to be necessary or expedient for removal of the difficulty: Provided that no such order shall be made after the expiry of a period of two years from the date of the commencement of this Act. (2) Every order made under this section shall, as soon as may be after it is made, be laid before each House of Parliament.
30.(1) यदि इस अधिनियम के उपबंधों को प्रभावी करने में कोई कठिनाई उतपन्न होति है तो केन्द्रीय सरकार राजपत्र में प्रकाशित आदेश द्वारा ऎसे उपबंध बना सकेगी, जो इस अधिनियम के उपबंधों से असंगत न हों, जो उसे कठिनाई को दूर करने के लिए आवश्यक और समीचीन प्रतीत होते हों : परन्तु कोई ऎसा आदेश इस अधिनियम के प्रारंभ से दो वर्ष की अवधि की समाप्ति के पश्चात नही किया जाएगा ।
(2) इस धारा के अधीन किया प्रत्येक आदेश, किए जाने के पश्चात यथाशीघ्र संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष रखा जाएगा ।
31.The Freedom of Information Act, 2002 (5 of 2003) is hereby repealed.
31. सूचना स्वातंत्र्य अधिनियम, २००२ इसके द्वारा निरसित किया जाता है ।